Good Night Status in Hindi

Good night status in hindi

बड़े अरमानो से इसे बनवाया है; रौशनी से इसे सजाया है; ज़रा बाहर आ कर तो देखो; खुद चाँद तुम्हें शुभ रात्रि कहने आया है। शुभ रात्रि!

हो गयी है रात निकल आये हैं सितारे; सो गए हैं पंछी, शांत हैं सब नज़ारे; सो जाइए आप भी इस महकती रात में; देख रहें हैं राह आपकी सपने प्यारे-प्यारे। शुभ रात्रि!

जैसे चाँद का काम है रात में रौशनी देना; तारों का काम है बस चमकते रहना; दिल का काम है अपनों की याद में धड़कते रहना; वैसे हमारा है काम अपनों की सलामती की दुआ करते रहना। शुभ रात्रि!

मीठी मीठी याद पलकों में सजा लेना; साथ गुज़रे पल को दिल में बसा लेना; चाहे ना आओ दिल में; मगर मुस्कुरा कर मुझे सपनो में बुला लेना। शुभ रात्रि!

ये दुआ है तेरी ज़िंदगी संवर जाये; हर नज़र मैं बस प्यार नज़र आये; तुझे जिस ख़ुशी की तलाश है; खुदा करे वो ख़ुशी खुद तेरी तलाश में चली आये। शुभ रात्रि!

हर सपना ख़ुशी पाने के लिए पूरा नहीं होता; कोई किसी के बिना अधूरा नहीं होता; जो चाँद रौशन करता है रात भर को; हर रात वो भी पूरा नहीं होता। शुभ रात्रि!

दिल में, होंठों पे बस एक ही दुआ रहती है; हर

घडी मुझे आप की ही परवाह रहती है; खुदा हर ख़ुशी बख्शे आपको; हर दुआ में यही गुज़ारिश रहती है। शुभ रात्रि!

जब आ जाते हैं आँसू तो रो जाते हैं; जब आते हैं ख्वाब तो खो जाते हैं; नींद आंखो में आती नहीं; बस आप ख्वाबो में आओगें; यही सोचकर हम सो जाते हैं। शुभ रात्रि!

ख़ुशी से दिल को आबाद करना; ग़म को दिल से आज़ाद करना; बस इतनी गुज़ारिश है आपसे कि; हो सके तो दुआ में एक बार याद जरुर करना। शुभ रात्रि!

ए पलक तू बंद हो जा, ख्‍बाबों में उनकी सूरत नजर आयेगी; मुलाक़ात तो सुबह दोबारा होगी, कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी। शुभ रात्रि!

जब आपका नाम ज़ुबान पर आता है; पता नही दिल क्यों मुस्कुराता है; होती है तसल्ली यह सोच कर हमारे दिल को; कि चलो कोई तो है अपना जो हर वक़्त याद आता है। शुभ रात्रि!

साथ ना छूटे आप से कभी यह दुआ करता हूँ; हाथों में सदा आपका हाथ रहे बस यही फरियाद करता हूँ; हो भी जाये अगर कभी दूरी हमारे दरमियान; दिल से ना हों जुदा, रब्ब से यही इल्तिजा करता हूँ। शुभ रात्रि!

हर रात में भी आपके पास उजाला हो; हर कोई आपका चाहने वाला हो; वक़्त गुजर जाये उनकी यादो के सहारे; ऐसा कोई आप के सपनो को सजाने वाला हो। शुभ रात्रि!

जैसे कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है; मुस्कुराने के लिए भी रोना पड़ता है; यूं ही नहीं आते ख्वाब हसीं रातों को; देखने के लिए ख्वाब सोना भी पड़ता है। शुभ रात्रि!

चाँद तारे सब तुम्हारे लिए हैं; सपने मीठे-मीठे सब तुम्हारे लिए हैं; भूल न जाना तुम हमको कभी भी; हमारी तरफ से शुभ रात्रि तुम्हारे लिए है। शुभ रात्रि!

जो ख़ुशी करीब हो वो सदा तुम्हें नसीब हो; ज़िंदगी का हर लम्हा सदा तेरे लिए हसीन हो; जो तुझ को पसंद हो तुम्हारे दिल की उमंग हो; चाहे जिस हमसफ़र को तेरी ज़िंदगी वो सदा तेरे संग हो। शुभ रात्रि!

दिल में, होंठों पे एक दुआ रहती है; हर घडी मुझे आप की परवाह रहती है; खुदा हर ख़ुशी बख्शे आपको; हर दुआ में एहि गुज़ारिश रहती है। शुभ रात्रि!

रात को रात का तोहफा नहीं देते; फूल को फूल का तोहफा नहीं देते; देने को तो हम चाँद भी आपको दे सकते थे लेकिन; चाँद को चाँद का तोहफा नहीं देते। शुभ रात्रि!

चाँद ने अपनी चांदनी बिखेरी है; और तारों ने

आसमान को सजाया है; कहने को आपको शुभ रात्रि; देखो रात का फरिश्ता आया है। शुभ रात्रि!

लगता है ऐसा कि कुछ होने जा रहा है; कोई मीठे सपनो में खोने जा रहा है; धीमी कर दे अपनी रौशनी ऐ चाँद; यार मेरा अब सोने जा रहा है। शुभ रात्रि!

रात आती है सितारे लेकर; नींद आती है सपने लेकर; हमारी दुआ है कि सुबह आये; आपके लिए खुशियां लेकर। शुभ रात्रि!

हम कभी अपनों से ख़फ़ा हो नहीं सकते दोस्ती के रिश्ते बेवफ़ा हो नहीं सकते आप भले हमें भुला के सो जाओ हम आपको याद किये बिना सो नहीं सकते। शुभ रात्रि!

सोचता रहा ये रातभर करवट बदल बदलकर, जानें वो क्यों बदल गया, मुझको इतना बदलकर ।
तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा; तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा; नहीं मिला इस से बढ़कर इन निगाहों को कोई; हमने जिसके लिए हज़ारों को देखा। शुभ रात्रि!

दोस्त हो आप मेरे ये बात बताना चाहता हूँ; दोस्ती का एहसास आपको दिलाना चाहता हूँ; आप तो हमारे लिए हो एक चाँद जैसे; जिसे हर रात सोने से पहले देखना चाहता हूँ। शुभ रात्रि!

इन अंधेरों के लिए कुछ आफ़ताब माँगे हैं; दुआ में हम ने दोस्त कुछ ख़ास माँगे हैं; जब भी माँगा कुछ ख़ुदा से तो; आपके लिए खुशियों के पल बे-हिसाब माँगे हैं। शुभ रात्रि!

ये आरज़ू नहीं कि किसी को भुलाएं हम; ना तमन्ना है किसी को रुलाएं हम; पर दुआ है उस रब से बस एक यही; जिसको जितना याद करते हैं उसको उतना याद आये हम। शुभ रात्रि!

कोई दौलत पर नाज़ करता है; कोई शोहरत पर नाज़ करता है; जिसे मिलती हैं आपकी दुआएं; वो किस्मत पर नाज़ करता है। शुभ रात्रि!

सितारे चाहते हैं कि रात आये; हम क्या लिखें कि आपका जवाब आये; सितारों सी चमक तो नहीं हम में; हम क्या करें कि आपको हमारी याद आये। शुभ रात्रि!

या रब तू अपना जलवा दिखा दे; उनकी ज़िंदगी को भी अपने नूर से सज़ा दे; बस इस दिल की यही दुआ है ऐ मालिक; उनके सपनो को तू हक़ीक़त बना दे। शुभ रात्रि!

शाम के बाद जब आती है रात; हर बात में समा जाती है तेरी याद; होती बहुत ही तनहा ये जिंदगी; अगर न मिलता कभी जो आपका साथ। शुभ रात्रि!

ख्वाहिशों के समंदर के सब मोती तेरे नसीब हो; तेरे चाहने वाले हमसफ़र तेरे हरदम करीब हों; कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम; कि तेरी हर दुआ, हर ख्वाहिश कबूल हो। शुभ रात्रि!

तनहा जब दिल होगा, आपको आवाज़ दिया करेंगे; रात में सितारों से आपका जिक्र किया करेंगे; आप आये या ना आये हमारे ख्वाबों में; हम बस आपका इंतज़ार किया करेंगे। शुभ रात्रि!

जीवन के हर मोड़ पर खुशियों को आने दो; जुबां पर हर वक्त मिठास को रहने दो; ना रहो उदास और ना किसी को रहनो दो। शुभ रात्रि!

सूरज ने झपकी पलक और ढल गयी शाम; रात ने है आँचल बिखेरा मिलकर तारों के साथ; देख कर रात का यह नज़ारा कहने को शुभ रात्रि हम भी आ गए हैं साथ। शुभ रात्रि!

जब भी इस दिल को आपकी याद आती है; इस दिल ने सच्ची ख़ुशी मिल जाती है; डर लगता है कि कहीं छूट न जाये आपका ये साथ; इस लिए रब से आपको पाने की दुआ मांगी है। शुभ रात्रि!

खुदा हर बुरी नज़र से बचाये आपको; दुनिया की तमाम खुशियों से सजाये आपको; दुःख क्या होता है यह कभी पता न चले; खुदा ज़िंदगी में इतना हंसाये आपको। शुभ रात्रि!

चाँद तारों से रात जगमगाने लगी है, फूलों की खुशबू भी दुनिया को महकाने लगी है, हो चुकी है अब यह रात गहरी है, खामोश अब चारों दिशाएं लगता है, इनको भी निंदिया रानी आने लगी है। शुभ रात्रि!

अच्छे ख्वाबो के साथ सोना, नई उम्मीदों के साथ उठना! Good Night.

आपके होठों पे मुस्कान भेज दूँ, आपके पास अपनी यादें भेज दूँ, सोने का हुआ है वक्त अभी, आपके लिए प्यारा सा ख्वाब भेज दूँ. Good Night.

चलो, सब कुछ छोडकर जल्दी जल्दी सो जाओ, बाद मे बोलना मत हम किसी और के सपनों में चले गए… ☘Good Night☘

रात की सुहानि ख़ुशबू से अपने ख़्वाबों को सज़ा दो, और तारों की प्यारी सजावट से अपने दिलो-दिमाग़ को तरवा ताज़ा कर दो. शुभ रात्रि

रात भर का है मेहमान अंधेरा, किसके रोके रुका है सवेरा.? शुभ रात्री

मस्त मस्त सुहानि रात, अनोखे जगमगाते तारे, प्यार भरे चाँद के इशारे, दे रहे हैं ख़्वाबों के नज़ारे. शुभ रात्रि

इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए, कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए, आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था, आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!

रात का चाँद आसमान में निकल आया है. साथ में तारों की बारात लय है. ज़रा आसमान की ओर देखो वो आपको.. मेरी और से गुड नाईट कहने आया है.

सितारों से भरी इस रात में, जन्नत से भी खूबसूरत ख्वाब आपको आये, इतनी हसीन हो आने वाली सुबह की, मांगने से पहले ही आपकी हर मुराद पूरी हो जाये. Good Night.

रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं, कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं, ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज, हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं!

हम अपनों से खफ़ा हो नहीं सकते, प्यार के रिश्ते बेवफा हो नहीं सकते, तुम हमें भुला कर भले ही सो जाओ, हम तुम्हे याद किये बिना सो नहीं सकते ..

हाल कैसा है जनाब का, क्या ख्याल है आपका, हम तो सो गये हो हो हो… तुम भी सो जाओ हा हा हा…

अगर रात को कोई तुम्हारे बिस्तर पे आये, तुम्हें हैरान करें, तुम्हारे जिस्म से खेले, तुम्हे चुमे, तो ज्यादा रोमेन्टीक मत हो जाना, मच्छर अगरबत्ती जलाना और सो जाना… Good Night. शुभरात्री…

जहां दोस्ती वहाँ प्यार, जहां प्यार वहाँ इश्क, जहां इश्क वहाँ रिश्क, जहां रिश्क वहाँ दर्द, जहां दर्द वहा जंडु बाम, जंडु बाम लगाओ और चुपचाप सो जाओ… Good Night…

अंग्रेजी में Good Night हिन्दी में “शुभ रात्री”, कन्नड में “यारंडी”, उर्दू में “शब्बा खैर”, तेलगू में “पदनकोपो”, और अपन की स्टाईल में, ..“चल लुड़क ले…”

जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है, रात होती है तो आँखों में उतर आता है, मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं, वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है !

ए पलक तु बन्‍द हो जा, ख्‍बाबों में उसकी सूरत तो नजर आयेगी, इन्‍तजार तो सुबह दुबारा शुरू होगी, कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी!

हो चुकी रात अब सो भी जाइए, जो हैं दिल के करीब उनके ख्यालों में खो जाइए, कर रहा होगा कोई इंतज़ार आपका, ख़्वाबों में ही सही उनसे मिल तो आइये.

मशहूर होना पर मगरूर ना होना कामयाबी के नशे में चूर ना होना मिल जाए सारी कायनात आपको मगर इसके लिए अपनों से दूर ना होना शुभ रात्रि

रात भर इस रात को क्यों नींद नहीं आती है रात रात भर परियों की कहानियां सुनाती है ये चाँद करता रहता है आँख मिचौली सितारों के जहान में है इसकी डोली आसमान के आगोश में सब समाएं हैं, हिफ़ाज़त करे जो सबकी वो फ़रिश्तों की दुआएं है

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